Saturday, 27 August 2011

जी चाहता है!

तुम्हारे साथ चलना ...
तुम्हारे हँसने पर यूँ दिल का मचलना ..
और इस मचलते दिल का तुम्हारे इश्क में खोने का..
जी चाहता है ...

तुम्हारा यूँ पलके झुखाना ...
और धीरे से आवाज़ लगाना ...
हर इस आवाज़ को अपना साज़ बनाने का ..
जी चाहता है ...


तुम्हारा पानी पीना ...
और पीते पीते अपने अधरों से छलकाना ..
हर उस छलकते मोती को संजोकर रखने का ...
जी चाहता है ..


तुम्हरा यूँ बालों को संवारना ...
हर उलझन को धीमें से निकालना ..
हर इस उलझन की सुलझन बनने का ...
जी चाहता है ..

लोगों का मुझे खुश किस्मत कहना ..
मेरा हर सफलता को पा जाना ..
हर इस मैं को तुम बनाने का ..
जी चाहता है ...

तुम्हें देखते ही मेरा तुम्हारे दर्द को समझ लेना..
और इसे कम करने की हर मुमकिन कोशिश करना..
उसी तरह तुम्हारा भी मेरे दर्द का एहसास करने का..
जी चाहता है .

तुम्हारा भी मुझे प्यार का इज़हार करना ...
है मेरे जीवन का सबसे हसीं सपना ...
इस सपने को हकीकत बनाने का ...
जी चाहता है ...


तुम्हारा मुझे अपनाने का ..
मेरा तुम्हें चाहने का ..
इस चाहत की चाहिता को और बढ़ाने का ..
जी चाहता है ...जी चाहता है

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